काठमाडौँ: राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) का वरिष्ठ नेता बालेन्द्र शाह (बालेन)ले आगामी निर्वाचनपछि मधेशको छोरा देशको प्रधानमन्त्री बन्ने बताएका छन्। आइतबार काठमाडौँ महानगरपालिकाको मेयर पदबाट राजीनामा दिएलगत्तै बालेन सभापति रवि लामिछानेसँग रास्वपाको चुनावी प्रचारप्रासर कार्यक्रमका लागि जनकपुर पुगेका थिए।
सोमबार भएको चुनावी सभामा बालेनले काठमाडौँ महानगरपालिकाकाबासीले आफूलाई काम गर्न दिएपछि काम गरेको बताउँदै त्यसगरी काम गर्न दिनुहुन्छ भनेर उपस्थितहरूमाझ सोधेका थिए। त्यसपछि उनले विश्वको सबैभन्दा प्रसिद्ध विवाह, प्रसिद्ध जोडी राम-जानकीको विवाहस्थलमा विवाह हुने बताउँदै नेपालीहरू ‘डेस्टिनेसन वेडिङ’ गर्न जयपुर जाने गरेकोमा प्रश्न उठाए। उनले भने, ‘डेस्टिनेसन वेडिङ गर्न मिथिलामा किन आउनुहुन्न तपाईंहरू? जहाँ राम-जानकीको विवाह भयो, हामी बालीमा गएर किन डेस्टिनेसन वेडिङ गर्छौँ?’
उनले अधिकार माग्न काठमाडौँ जाने नभई पशुपति दर्शन गर्न र घुम्न जानुपर्ने बताए। प्रदेशलाई थप मजबुद बनाउने उनको भनाइ थियो।
यस्तो छ उनको सम्बोधन
मैथलीमा
नमस्कार! केना छी एत? सब सँ पहिने माता जानकी केँ प्रणाम। विभिन्न आन्दोलन मे शहीद भेल ज्ञात-अज्ञात शहीद सभ पर सम्मान आ संवेदना। अहाँ सभ केँ आइ बेसी भाषण सुने के मूड नइ देखै छी, कियाक? भाषण दियौ कि नइ दियौ? अहाँ सभ कहू। हम काम करे वाला आदमी छी, अहाँ काम दियौ हम काम क’ क’ देखायब। काम करै लेल देब अहाँ सभ? जेना काठमाण्डु महानगरपालिका के बासी हमरा काम करै लेल देलकै आ हम काम क’ क’ देखेलियै, अहाँ सभ काम करै लेल देब?
आइ सँ करिब डेढ महिना पहिने एतय राम-जानकी विवाह महोत्सव मनाओल जा रहल छल। एकटा बात याद आयल, एकटा बात मन मे बहुत खटकल। जे विश्व के सब सँ प्रसिद्ध विवाह, प्रसिद्ध जोडी राम-जानकी के विवाह स्थल मे विवाह होइत अछि, मुदा हम सभ मधेसी लोकनि, नेपाली लोकनि ‘डेस्टिनेसन वेडिङ’ करै लेल जयपुर जाइत छी। डेस्टिनेसन वेडिङ करै लेल मिथिला मे कियाक नइ आबै छी अहाँ सभ?
जतय राम-जानकी के विवाह भेल त’ हम सभ बाली मे जा क’ कियाक डेस्टिनेसन वेडिङ करै छी? अइठाम कियाक नइ होइत अछि? सरकार के नीति-ऐन कतेहक अछि कि मिथिला के एकटा म्यानेजमेन्ट, सर-सफाइ, व्यवस्थापन आ आकर्षण बढिया कियाक नइ बनाओल गेल अछि? ई कोन नीति अछि?
आइ दुइटा बात बहुत स्पष्ट भ’ गेल अछि। पहिल बात— मधेस मे पहिल बेर सब जाति के लोक आयल छथि। एतय कोनो एकटा जाति के आदमी नइ देखै छी, सब जाति के आदमी आइ मधेस मे पहिल बार आयल अछि।
दोसर बात— जे जनकपुर बहुत प्रसिद्ध अछि एकटा बात लेल— आइ सँ एक साल पहिने जनकपुर बोल्ट्स जे कप जितल छल, त’ ओ जितला पर एकटा जाति मात्र खुश नइ भेल छल। पूरा मधेस खुश भेल छल, पूरा नेपाल खुश भेल छल।
त’ देश के विकास जनकपुर बोल्ट्स जेका कियाक नइ होइत अछि? होबाक चाही। देश के विकास एहन होबाक चाही, मधेस के विकास एहन होबाक चाही कि सब जाति खुश होय, सब जाति के विकास होय।
आइ बहुत गोटे काठमाण्डु मे सेहो पुछै छलाह आ जनकपुर मे सेहो पुछै छथि कि राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के संघीयता आ प्रदेश प्रति के धारणा की अछि? हम ई कहय चाहै छी कि प्रदेश केँ अझ बलगार (बलियो) बनाबय के अछि।
प्रदेश के काम एकटा वडा मे जा क’ ५० हजार के धारा जोडे के नइ अछि। प्रदेश के काम कम सँ कम तीन-चारिटा पालिका के जोडे के अछि।
आइ जनकपुर के मेयर या प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत फेरय परत त’ काठमाण्डु कियाक जाय परत? जनकपुर प्रदेश के राजधानी अछि नइ? त’ काठमाण्डु कियाक जाय परत? अइठाम कियाक नइ होइत अछि? ओहि लेल प्रदेश केँ बलगार बनाबय के अछि कि काठमाण्डु जाय नइ परत, अइठाम व्यवस्था भ’ जाय। काठमाण्डु अधिकार माँगय नइ जाउ, घुमय जाउ— पशुपतिनाथ जाउ, स्वयम्भू जाउ, दर्शन करय जाउ। अधिकार माँगय जाय नइ परत अहाँ सभ केँ।
आइ चार साल भ’ गेल लगभग, काठमाण्डु के मेयर के रूप मे बैसल छलियै, लोक कहैत अछि ‘भेटे नइ होइत अछि’। ओतय डेली माइतीघर मण्डला मे उखु किसान के आन्दोलन होइत अछि, मिटरब्याजी पीडित के आन्दोलन होइत अछि आ हम मूकदर्शक बनि क’ बैसल छी, हम किछु नइ क’ सकै छी। काठमाण्डु के मेयर के रूप मे हम किछु नइ क’ सकलियै त’ भेटौ नइ सकलियै। अब क’ क’ देखायब…
आइ पहिल बेर भाषण द’ रहल छी कियाक कि हमर मेयर के पद सँ राजीनामा भ’ गेल, हम फुर्सद मे छी। चार साल त’ फुर्सद मे नइ छलियै त’ भाषण कतय सँ दितियै।
सब गोटे अइ मिथिला के पावन भूमि मे आयल छी, त’ एकटा बात कहय चाहै छी। आइ पूरा देश मे पर्यटक जम्मा १० लाख आबैत अछि, मुदा ओतय अयोध्या मे वर्ष मे १० करोड पर्यटक आबैत अछि। जानकी माता के अकेले क्षमता अछि कि १ करोड पर्यटक आन सकैत छथि।
अहाँ सब गोटे के बहुत-बहुत धन्यवाद। दुइटा बात भेलै— एकटा त’ अहाँ सभ आ हमर सभक मिलन भ’ गेलै, दोसर जानकी माता के दर्शनो भ’ गेलै।
एकटा बात अन्तिम मे कहय चाहै छी— आइ एकटा मधेसी छौड़ा प्रधानमन्त्री बनय लेल… ओहि लेल घण्टी मे भोट दय के अछि। सही लोक आबय वाला अछि ओहि लेल घण्टी मे भोट दय के अछि। सही समय आबय वाला अछि ओहि लेल घण्टी मे भोट दय के अछि। सही सरकार आबय वाला अछि ओहि लेल घण्टी मे भोट दय के अछि।
सब गोटे केँ फेर सँ मन सँ धन्यवाद। जय जानकी माता! जय मिथिला! जय मधेस! जय देश! जय नेपाल! जय घण्टी!
नेपालीमा
नमस्कार! यहाँ कस्तो छ? सर्वप्रथम माता जानकीलाई प्रणाम। विभिन्न आन्दोलनमा सहिद भएका ज्ञात-अज्ञात सहिदप्रति सम्मान र संवेदना।
तपाईंहरूको आज धेरै भाषण सुन्ने मुड देख्दिनँ, किन होला? भाषण दिऊँ कि नदिऊँ? तपाईंहरू नै भन्नुस्।
म काम गर्ने मान्छे हुँ, तपाईं काम दिनुस्, म काम गरेर देखाउँछु। काम गर्न दिनुहुन्छ तपाईंहरू?
जसरी काठमाडौं महानगरपालिकाका बासीले मलाई काम गर्न दिए र मैले काम गरेर देखाएँ, त्यसैगरी तपाईंहरू मलाई काम गर्न दिनुहुन्छ?
आजभन्दा करिब डेढ महिना पहिले यहाँ राम-जानकी विवाह महोत्सव मनाइँदै थियो। एउटा कुरा याद आयो, एउटा कुरा मनमा धेरै खड्कियो। विश्वको सबैभन्दा प्रसिद्ध विवाह, प्रसिद्ध जोडी राम-जानकीको विवाह स्थलमा विवाह हुन्छ, तर हामी मधेसीहरू, नेपालीहरू ‘डेस्टिनेसन वेडिङ’ गर्न जयपुर जान्छौँ। डेस्टिनेसन वेडिङ गर्न मिथिलामा किन आउनुहुन्न तपाईंहरू? जहाँ राम-जानकीको विवाह भयो, हामी बालीमा गएर किन डेस्टिनेसन वेडिङ गर्छौँ?
यहाँ किन हुँदैन? सरकारको नीति-नियम कस्तो छ कि मिथिलाको एउटा म्यानेजमेन्ट, सरसफाइ, व्यवस्थापन र आकर्षण राम्रो किन बनाइएको छैन? यो कुन नीति हो?
आज दुईवटा कुरा धेरै प्रष्ट भएको छ। पहिलो कुरा, मधेसमा पहिलो पटक सबै जातका मान्छे यहाँ आएका छन्। यहाँ कुनै एउटा जातको मान्छे मात्र देख्दिनँ, सबै जातका मान्छे मधेसमा पहिलो पटक आएका छन्।
दोस्रो कुरा, जनकपुर एउटा कुराको लागि धेरै प्रसिद्ध छ— आजभन्दा एक वर्ष अगाडि जनकपुर बोल्ट्सले जब कप जित्यो, त्यो जित्दा एउटा जात मात्र खुसी भएको थिएन, पूरा मधेस खुसी भएको थियो, पूरा नेपाल खुसी भएको थियो। देशको विकास पनि जनकपुर बोल्ट्स जस्तै किन हुँदैन? हुनुपर्छ। देशको विकास र मधेसको विकास यस्तो हुनुपर्छ कि सबै जात खुसी होऊन्, सबै जातको विकास होस्।
आज धेरैजनाले काठमाडौंमा पनि सोध्दै थिए र यहाँ जनकपुरमा पनि सोध्दै छन् कि राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीको संघीयता र प्रदेशप्रतिको धारणा के हो? म यो भन्न चाहन्छु कि प्रदेशलाई अझ बलियो बनाउनुपर्नेछ।
प्रदेशको काम एउटा वडामा गएर ५० हजारको धारा जोड्ने होइन। प्रदेशको काम कम्तीमा तीन-चारवटा पालिकालाई जोड्ने हो। आज जनकपुरको मेयर वा प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत फेर्नुपर्यो भने काठमाडौं किन जानुपर्छ? जनकपुर प्रदेशको राजधानी होइन र? अनि काठमाडौं किन जानुपर्ने? यहाँ किन हुँदैन? त्यसैले प्रदेशलाई बलियो बनाउनुपर्छ ताकि काठमाडौं जानु नपरोस्, यहीँ व्यवस्था होस्। काठमाडौं अधिकार माग्न नजानुस्, घुम्न जानुस्, पशुपतिनाथ जानुस्, स्वयम्भू जानुस्, दर्शन गर्न जानुस्। अधिकार माग्न तपाईंहरूले जानु नपरोस्।
आज चार वर्ष भयो लगभग काठमाडौंको मेयरको रूपमा बसेको, मान्छेहरू भन्छन् ‘भेट नै हुँदैन’। त्यहीँ दैनिक माइतीघर मण्डलामा उखु किसानको आन्दोलन हुन्छ, मिटरब्याजी पीडितको आन्दोलन हुन्छ, अनि म मूकदर्शक बनेर बस्छु, म केही गर्न सक्दिनँ। काठमाडौंको मेयरको रूपमा मैले केही गर्न सकिनँ भने भेट्न पनि सकिनँ। अब गरेर देखाउँछु…।
आज पहिलो पटक भाषण दिँदैछु किनभने मेरो मेयरको पदबाट राजीनामा भयो, म फुर्सदमा छु। चार वर्ष त फुर्सदमा थिइनँ, भाषण कहाँबाट दिन्थेँ र?
सबैजना मिथिलाको यो पावन भूमिमा आउनुभएको छ। एउटा कुरा भन्न चाहन्छु— अयोध्यामा वर्षमा १० करोड पर्यटक आउँछन्। जानकी माता एक्लैको क्षमता छ कि १ करोड पर्यटक ल्याउन सकिन्छ।
सबैजनालाई धेरै धेरै धन्यवाद। एउटा कुरा अन्तिममा भन्न चाहन्छु— आज एउटा मधेसी केटो प्रधानमन्त्री बन्नको लागि… त्यसैले ‘घण्टी’ मा भोट हाल्ने हो। सही मान्छे आउनका लागि घण्टीमा भोट हाल्ने हो। सही समय आउन लागेको छ, त्यसैले घण्टीमा भोट हाल्ने हो। सही सरकार आउन लागेको छ, त्यसैले घण्टीमा भोट हाल्ने हो।
जय जानकी माता! जय मिथिला! जय मधेस! जय देश! जय नेपाल! जय घण्टी!


